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वायु प्रदूषण के कारण

प्रदूषण क्या है? 
पर्यावरण के किसी तत्व मे वाला अवांछनीय परिवर्तन जिससे जिव जगत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हेे प्रदूषण कहलाता है । 
"दुसरे शब्दो मे कहे प्रदूषण का अर्थ है -प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना। ... न शुद्ध वायु मिलना, न शुद्ध जल मिलना, न शुद्ध खाद्य मिलना, न शांत वातावरण मिलना। प्रदूषण कहलाता है"
प्रदूषण पर निबंध All Exam  (Essay of pullotion 2021)
Essay of pullotion in hindi


 

 प्रर्यावरण प्रदूषण में मानव कि विकास प्रकिया तथा आधुनिकता का महत्वपूर्ण योगदान है। यहाँ तक मानव कि वे सामान्य गतिविधियाॅं भी प्रदूषण कहलाती है।जिससे नकारात्मक फल मिलते है। उदाहरण के लिए उधोग द्वारा उत्पन्न नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषण है हालाँकि उसके तत्व प्रदूषण नही है यह सूर्य की ऊर्जा हे जो कि उसे धुए और कोहरे के मिश्रण में बदल देती है । 

पहला प्रदूषण विरोध कानून

प्रदूषण पर निबंध All Exam  (Essay of pullotion 2021)
The  wold first Charcoal law 

एडवर्ड किंग प्रथम ने 1273 में पहला प्रदूषण के विरोध मे कानून बनाया जो कि लोगो को कोयले के प्रयोग को रुकने से था। 1300  मे कोयले के प्रयोग रोकने के लिय  एक और कानून बनाया गया जिसे तोड़ने पर मृत्यु सम्बंधित प्रवधान रखा गया। 

वायुमंडल में मौजूद कुछ तत्व विभिन्न प्रकार से हे जो इस प्रकार से है। 

वायुमंडल में नाइट्रोजन ऑक्साइड 78% आक्सीजन 21% आर्गन 0.9% कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide) का भी योगदान है। इसके अलावा  मेथेन,हीलियम,ग्रीन हाउस गैस,क्लोरो फ्लोरो कार्बन,आदि गैसे भी अल्प मात्रा मे मौजूद है । 

प्रदूषण पर निबंध All Exam  (Essay of pullotion 2021)
प्रदूषण के प्रकार 

प्रदूषण तीन प्रकार के होते है 
(1) वायु प्रदूषण
(2) जल प्रदूषण
(3) ध्वनि प्रदूषण
वायु प्रदूषण(Air Pullotion)उत्पति के आधार पर दो प्रमुख भागो में विभाजित किया गया है । 

(i)प्रकृतिक प्रदूषण : प्रकृतिक कारणो से भी वायु प्रदूषण फैलाते है ये प्रदूषण प्रकृतिक क्रियाकलापो स्त्रोतो से प्राप्त होता है।जैसे- ज्वालामुखी विस्फोट, जंगल मे आग, जैविक पदार्थों के सड़ने गलने से निकलने वाली गैसे आदि शामिल हैं। 
जैसे- सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड तथा समुद्र से निकलने वाले कण तथा पौधो के वाष्पशील कार्बन यौगिक और पौधो के परागकण इत्यादि। 

(ii) मानव जनित प्रदूषण: ऐसे प्रदूषण जो मानव के द्वारा पैदा होते उसे मानव जनित प्रदूषण कहते है। उदाहरण : कारखाने ,रसोईघरो, सवचालित वाहनो आदि से निकलने वाले प्रदूषक । 

* वायु प्रदूषण( Air Pullotion)को प्रकृति के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है। 

(a) काणिकीय प्रदूषक:

(i) इन प्रदूषको के मुख्य स्रोत तेल शोधन कारखाने। 
(ii) गाड़ियो से निकलने वाला धुआँ तथा ताप संयंत्र आदि। 
(iii) ये प्रदूषक स्वयं प्रक्रिया व फेफड़े को दुष्प्रभाव करते है।
 
(b)गैसों प्रदूषक:

(i)सूती वस्त्रो ब्लीचिंग तथा अन्य रासायनिक क्रियाओं से निकलने वाली क्लोरीन गैस। 
(ii)सल्फर युक्त जीवनम ईधनो के दहन से निरस्त सल्फर यौगिक। 
(iii) एरोस्मिथ कैन  तथा रेफ्रिजरेटर प्रणाली से निरस्त क्लोरो फ्लोरो । 
(iv)अत्यधिक ऊचाई पर उड़ने वाले जेट विमान एवं रासायनिक उवर्रक से निकलने वाले नाइट्रोजन के यौगिक। 
                            विभिन्न प्रकार के वायु प्रदूषक

                                    (a)कार्बन मोनोऑक्साइड :

(i) कार्बन मोनोऑक्साइड वायु प्रदूषण मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 
(ii) यह गैसे पेट्रोल, डीजल, जीवाश्म ईंधन तथा लकड़ी के जलने से, सिगरेट के धुए ,उधोग की चिमनी से निकलने वाले धुए। 

                             कार्बन मोनोऑक्साइड  के प्रभाव:

(i) कार्बन मोनोऑक्साइड  ऑक्सीजन मे कमी कर देता है। 
(ii) कार्बन मोनोऑक्साइड  के कारण सांस लेने मे तकलीफ होती हैं । 
(iii) इस के कारण लोगो को नींद मे परेशान होती है। 
(iv) कार्बन मोनोऑक्साइड  के कारण बच्चो वजन कम होना। 

                                (b)कार्बन डाइऑक्साइड

(i) यह एक ग्रीन हाउस है, यह गैस जीवाश्म ईधन दहन से उत्पन्न होती है। 
जैसे- जीवाश्म ईधन कोयला, पेट्रोल, मात्र 0.03% कार्बन डाइऑक्साइड ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत का इस्तेमाल करके इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। 

                                     (c)क्लोरोफ्लोरो कार्बन

क्लोरो फ्लोरो कार्बन हमारे  फ्रिज तथा एयर कडीशनिग से निकलने वाली एक रसायन है।यह हवा कण मे मिलकर वायुमंडल के समतापमंडल तक पहुँच जाता है। 
ओजोन परत के नुकसान पहुचाने वाला रसायन है। ओजोन परत मे छेद हो रहा है जिसके कारण सूर्य का प्रकाश पराबैंगनी किरणो के रूप मे सीधा पृथ्वी पर आ जाता है। जिससे कैंसर तथा स्किन
संबधित समस्या हो सकती है। 
                                                  (d) सीसा

सीस, डीजल, पेट्रोल, बैटरी, और हेयर डाई आदि मे पाया जाता है। सीसा बच्चो के लिए हानिकारक है।
यह तंत्रिका तंत्र प्रभावित करता है।पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है। कैंसर जैसे खतरनाक रोग उत्पन्न करता है। 
                                                 (e)ओजोन
समतापमंडल मे ओजोन लेयर पाई जाती है यह एक मुख्य प्रकार कि गैस है सुर्य के प्रकाश को प्रत्यक्ष  रूप आने रोकता है परन्तु इस परत में छेद हो रहा है जो ग्लोबल वर्मिगव  जैसी समस्या बढ़ रही है। 
                                     (f)नाइट्रोजन डाइऑक्साइड

(i) यह वायुमंडल के लिए नुकसानदायक है इसकी वजह से धुध और अम्लीय वर्षा होती है।(ii)इसके कारण मानव शरीर में कई सम्सया उत्पन्न होने लगती है।जैसे-मसूड़ो में सूजन, आक्सीजन में कमी, कैंसर आदि। 

                                         (g)निलम्बित अभिकण पदार्थ

(i)यह हवा में ठोस, धुल के कण के रुप मे होते है। 
(ii)यह प्रकाशसश्लेषण प्रक्रिया को बाधित करते है तथा  सांस नली तत्वों पर प्रभाव डालते है। 
(iii)इसकी वजह से फेफड़ो को हानि पहुचाते है। 

*वायु प्रदूषण के निम्नलिखित कारण है जो इस प्रकार से है। 

(a) वनो का विनाश: जनंसख्या मे निरन्तर वृद्धि के कृषि भूमि आवसीय भूमिउ धोगीकरण इत्यादि मानवीय कि पूर्ति बढ़ी है। जिस कि आपूर्ति वनो को काटकर कि जा रही है वनो कि उपस्थिति के कारण पारितंत्र संतुलित रहती है वनो के विनाश से ये असंतुलित हो जाता है। 

(b) उधोग व कारखाने: उधोग से निकलने वाली विभिन्न गैसे जैसे  कार्बन डाइऑक्साइड,  
सल्फर मोनोऑक्साइड,धूल के कण, धुए इत्यादि  वायु प्रदूषण के मुख्य कारक है । 

(c) परिवहन: परिवहन वायु प्रदूषण का अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है  स्वचलित वाहनो मै प्रयुक्त पेट्रोल व डीजल के दहन से कई वायु प्रदूषण के उत्पति के कारक है

(d)ताप विधुत ग्रह: जनसख्या वृद्धि और बढ़ती उधोगीकरण मे बिजली कि माग भी बढ़ी है ताप बिजली घरो मे  कोयला तेल एव गैसे उर्जा इतना के रुप मे प्रयोग होता है इनकी चिमनियों से निकलने वाले गैसे, कोयले की राख के कण वायुमंडलीय प्रदूषण कि मुख्य कारण हैहै

(e)खनन : खनिज गतिविधि के दौरान विभिन्न विस्फोट का प्रयोग होता है जो वायुमंडल प्रदूषण का कारण बनता है



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