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Bhoogol kya hai महत्वपूर्ण भौगोलिक ज्ञान कुछ परिभाषाएं 2021

 

Bhoogol kya hai

दोस्तों आप का स्वागत है हमारे Achiverce Information में  तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं bhogol kya hai महत्वपूर्ण भौगोलिक ज्ञान कुछ परिभाषाओं से जुड़े जानकारी के बारे में है। 

भूगोल क्या है ( Bhoogol kya hai) 

भूगोल शब्द सुनते ही हमारे दिमाग में कई चीजों के अध्ययन से जुड़े बातें हमारे दिमाग में आती है जैसे समुद्र का अध्ययन, विश्व का भूगोलिक अध्ययन, मानव भूगोल अध्ययन, मृदा भूगोल अध्ययन, भौतिक भूगोल, सस्कृति भूगोल अध्ययन, गणितीय भूगोल अध्ययन आदि विषय में भूगोल का अध्ययन किया जाता है। 

भूगोल में कहा गया है कि पृथ्वी मनुष्य तथा अन्य जीवों का आवास है अगर देखा जाए तो पृथ्वी का धरातल एक समान नहीं है क्योंकि यहाँ पर कही पर्वत, मैदान, पठार, समुद्र, रेगिस्तान आदि मिलते है। अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो भूगोल पृथ्वी का वर्णन करता है। 

भूगोल का मुख्य उद्देश्य किसी विशेष क्षेत्र का पृथ्वी के एक भाग के रूप में भौगोलिक अध्ययन समग्रता तथा प्रकृति की सृष्टि के जीवन रूप में अध्ययन करना है। 

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भूगोल शब्द का प्रथम प्रयोग (bhoogol sabd ka pratham prayog) 

साथियों अगर आप कभी भूगोल विषय का अध्ययन कर रहे हो तो आपके मन कभी न कभी ये प्रश्न जरूर आया होगा की भूगोल शब्द का प्रथम प्रयोग करने वाला महान व्यक्ति कौन था। भूगोल शब्द का सबसे पहले प्रयोग करने वाले ग्रीक महान विद्वान इरेटाॅस्थेनीज़ ( 276-194 ईसा पूर्व) ने किया था। 

यह शब्द ग्रीक भाषा के के दो मूल शब्द Geo( पृथ्वी) graphes(वर्णन) अर्थात इसका अर्थ है पृथ्वी का वर्णन क्योंकि पृथ्वी को सदैव मानव और जंतु का निवास समझा गया है इसलिए भूगोल को मानव एवं जंतु के निवास के रूप में परिभाषित करते है। 

भूगोल का अध्ययन क्यों करना चाहिए (bhoogol ka adhyayan kyon karana chaahie) 

भूगोल का अध्ययन विषय के रूप में किया जाता है। इसके अंतर्गत भौतिक वातावरण, मानवीय क्रियायें एवं उनके अन्त:प्रक्रियात्मक संबंधों के रूप में जानकारी प्राप्त की जाती है। भूगोल का अध्ययन इसलिए किया जाता है कि हम धरातल पर रहते हैं। हमारा जीवन हमारे पारिस्थितिक तंत्र से प्रभावित होता है। 

हम निर्वाह के लिए आस पास के संसाधनों पर निर्भर करते हैं तथा हम जानते हैं कि प्राकृतिक संसाधन आधार, तकनीक विकास, भौतिक वातावरण के साथ अनुकूल एवं उसका परिष्करण, सामाजिक संगठन तथा सांस्कृतिक विकास में विभिन्नता पाई जाती है। इन सब को जानने के लिए भूगोल का अध्ययन आवश्यक हो जाता है। 

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भौतिक भूगोल के वातावरण में भिन्नता (bhautik bhoogol ke vaatavaran mein bhinnata) 

पृथ्वी पर भौतिक भूगोल के वातावरण में में विभिन्नताएं दिखाई पड़ती है। अनेक तत्वों में समानता कई असमानता दिखाई पड़ती है। अत: भूगोल को क्षेत्रीय भिन्नता का अध्ययन मानना तार्किक लगता है। इस प्रकार भूगोल उन सभी तथ्यों का अध्ययन करता है जो क्षेत्रीय संदर्भ में भिन्न होते हैं। 

भौतिक तथा मानवीय दोनों प्रकार के भौगोलिक तथ्य स्थिर नहीं अपितु गत्यात्मक हैं। वे सत्त परिवर्तनशील हैं। भूगोल इस प्रकार प्रकृति तथा मानव की समग्र इकाई के रूप में अंत: प्रक्रिया के अध्ययन से संबंधित है। 

भौतिक भूगोल के अधययन का मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण क्यों है? 

भौतिक भूगोल, भूगोल की एक महत्वपूर्ण शाखा है, क्योंकि यह समस्त भूगोल के अधययन को ठोस आधार प्रदान करता है। भूगोल की यह सबसे महत्वपूर्ण तथा आधारभूत शाखा जैसे भूमंडल, जलमंडल, वायुमंडल तथा जैव मंडल के अधययन से संबंधित है।  भौतिक भूगोल के इन सभी तत्वों (भू-आकृतियों जल-प्रवाह व उच्चावच) का विशेष महत्व है क्योंकि ये मानव के क्रियाकलापों को प्रभावित करते हैं। 

उदाहरणतया मैदानों का प्रयोग कृषि के लिए किया जाता है। उपजाऊ मिट्टी कृषि को ठोस आधार प्रदान करती है। सभी मानवीय क्रियाकलाप के ठोस आधार प्रदान करती है। सभी मानवीय क्रियाकलाप भौतिक भूगोल की विभिन्न शाखाओं से प्रभावित होते हैं। 

भौतिक भूगोल एवं इसका महत्व (bhautik bhoogol evam isaka mahatv)

भूगोल की इस शाखा में वायुमंडल, भूमंडल, जलमंडल, जैव मंडल का अध्ययन सम्मिलित है। भौतिक भूगोल प्राकृतिक साधनों के मूल्यांकन एवं प्रबंधन से संबंधित विषय के रूप में विकसित हो रहा है।

इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु भौतिक पर्यावरण एवं मानव के प्रबंधन को समझना आवश्यक है।भौतिक पर्यावरण संसाधन प्रदान करता है है एवं मानव इन संसाधनों का उपयोग करते हुए अपना आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास सुनिश्चित करता है। 

तकनीक की सहायता से संसाधनों के बढ़ते उपयोग ने विश्व में पारिस्थितिक असंतुलन उत्पन्न कर दिया है। सत्त विकास के लिए भौतिक वातावरण का ज्ञान नितान्त आवश्यक है जो भौतिक भूगोल के महत्व को दर्शाता है। 

Bhoogol kya hai


भूगोल विषय इतना लोकप्रिय क्यों है (bhoogol vishay itana lokapriy kyon hai) 

देखा जाये तो भूगोल की लोकप्रियता अठारहवीं शताब्दी में ही एक लोकप्रिय विषय बन गया इसका कारण अठारहवीं शताब्दी में नये मार्ग तथा भू-भागों की खोज हुई। इसका बड़ा राजनैतिक महत्व था तथा भूगोल के द्वारा विश्व की जानकारी मिलने लगी मनुष्य अन्य देशों के व्यापार, प्रशासन तथा लोगों के विषय में ज्ञान प्राप्त करने लगा इसलिए भूगोल एक लोकप्रिय विषय बनता गया। 

आगमन पद्धति क्या है? (aagaman paddhati kya hai) 

आगमन पद्धति के अन्तर्गत भूगोलवेत्ता तथ्यों का एक समुच्चय (Set of Facts) एकत्रित कर लेता है। इनमें पाई जाने वाली समानताओं को छाॅंट लेता हूं और नियम निर्मित करता है। यह अधययन विशेष रूप से सामान्य के सिध्दांत पर आधारित है। 

निगमन पध्दति क्या है? (nigaman padhdati kya hai) 

इसके अन्तर्गत कहे गये आधार पर वाक्य से निष्कर्ष निकाले जाते हैं। यह विधि सामान्य से विशेष के सिध्दांत पर आधारित है। 

भूगोल की प्रमुख विचारधारा (bhoogol kee pramukh vichaaradhaara) 

(1) निश्चयवाद विचारधारा:- इसके अनुसार मनुष्य के सारे कार्य पर्यावरण द्वारा होते हैं अत: मनुष्य को खुद से कुछ करने की स्वतंत्रता कम है अर्थात इस विचारधारा के अनुसार मनुष्य को पर्यावरण का गुलाम बताया है इसमें कहा गया है मनुष्य पर्यावरण पर ही रहकर अपना विकास कर सकता है। इस विचारधारा के समर्थक  एलन सेम्पुल और हनिंगन है। 

(2) संभववाद विचारधारा:- इस विचारधारा के अनुसार इसमें मनुष्य को पूर्ण पर्यावरण का गुलाम नहीं कहा क्योंकि इस विचारधारा के अनुसार मनुष्य पर्यावरण के नियमों को समझकर उसमें बदलाव करके अपना विकास कर सकते हैं। इस विचारधारा के समर्थक वाइडल-डि-ला ब्लाश और फैब्रे है।

(3) नव निश्चयवाद विचारधारा:- इस विचारधारा को (रूको और जाओ) इसके कहा गया मानव अपना विकास करते करते ये तो भूल ही गया की वो पर्यावरण का विनाश करते जा रहा और संसाधनों का अत्यधिक प्रयोग करते जा रहा है। इस विचारधारा को रूको और जाओ कहे जाने का कारण ही यही है 

रूको का अर्थ है कि पर्यावरण में संसाधनों के प्रयोग के बाद कुछ समय के लिए उसे छोड़ देना जिससे संसाधनों में संतुलन आ जायेगा। 

जाओ का अर्थ है कि संसाधन जब संतुलन में आ जाये तो उसका पूर्ण प्रयोग किया जाए। 

इस विचारधारा को प्रतिपादित करने वाले भूगोलवेत्ता ग्रिफिथ टेलर है। 

भूगोलवेत्ताओं की कुछ परिभाषाएं (Some definitions of geographers) 

(1) भूगोल एक ऐसा स्वतंत्र विषय है जिसका उद्देश्य लोगों को विश्व, आकाशीय पिंडों, स्थल महासागरों, जीव जन्तुओं, वनस्पति, फलो तथा भू-धरातल के क्षेत्रों में देखी जाने वाली प्रत्येक वस्तु का ज्ञान प्राप्त कराना है।        

-स्ट्रैबो

(2) भूगोल पृथ्वी की को स्वर्ग में देखने वाला आभामय विज्ञान है। 

-कलैडियस,टाॅलमी

(3) भूगोल वह विज्ञान है जिसमें पृथ्वी को स्वतंत्र ग्रह के रूप में मान्यता देते हुए उसके समस्त लक्षणों, घटनाओं एवं उसके अन्त: सम्बन्ध का अध्ययन किया जाता है

-कार्ल रिटर


(4) भूगोल में पृथ्वी के भाग का अध्ययन किया जाता है, जो मानव के रहने का स्थान है

-ऑर्थर होम्स

भूगोल क्या है इनसे सम्बंधित प्रश्न (bhoogol kya hai inase sambandhit prashn) 

(प्रश्न 1) भूगोल का जनक किसे  कहा जाता है? 

उत्तर:- हिकेटियस

(प्रश्न 2) वर्तमान भूगोल का जनक किसे कहा जाता है? 

उत्तर:- अलेक्जेंडर वाले हम्बोल्ट

( प्रश्न 3) व्यवस्थित भूगोल का जनक किसे कहा जाता है? 

उत्तर:- इरेटाॅस्थेनीज़

( प्रश्न 4) भौतिक भूगोल का जनक किसे कहा जाता है? 

उत्तर:- पोलीडोनियम

(प्रश्न 5) सांस्कृतिक भूगोल का जनक किसे कहा जाता है? 

उत्तर:- कार्ल-ओ-सावर

(प्रश्न 6) गणितीय भूगोल का संस्थापक कौन है? 

उत्तर:- थेल्स व एनेक्सीमीण्डर

(प्रश्न 7) विश्व ग्लोब के निर्माता कौन है? 

उत्तर:- मार्टिन डैम

(प्रश्न 8) विश्व मानचित्र के निर्माणकर्ता कौन है? 

उत्तर:- अनेक्सी मण्डल

(प्रश्न 9) भौगोलिक विश्वकोश के रचनाकार कौन है? 

उत्तर:- स्ट्रैबो

(प्रश्न 10) भूगोल अधययन के दो प्रमुख उपागम कौन से हैं? 

उत्तर:- (1) क्रमबद्ध उपागम (2) प्रादेशिक उपागम


आशा करता हूँ कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी लाभदायक हुआ है इसी प्रकार की जानकारी पाने के लिए आप हमारे E-mail तथा सोशल मीडिया पर follow कर सकते है। 

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