Header

What is social network site,in hindi|सोशल नेटवर्किंग साइट्स के नुकसान और फायदा

प्रिय पाठकों आज के इस लेख में हम बहुत महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने जा रहे हैं यह आज के युग के लिए काफी महत्वपूर्ण है What is social network site सोशल नेटवर्किंग साइट्स क्या है? और सोशल नेटवर्किंग साइट्स के नुकसान और फायदा क्या है? 

social network site आज इतना महत्वपूर्ण हो गया है कि अब व्यक्ति इसे अपना व्यापार समझने लगा है और इस से व्यापार कर भी रहे हैं जिसे हम digital marketing  कहते हैं

What is social network site, in hindi

सोशल नेटवर्किंग साइट्स आज एक स्टेट्स सिम्बल का प्रतीक बन चुका है, जिसकी अच्छाइयाँ भी हैं और बुराइयाँ भी। यह निर्भर करता है, व्यक्ति की अपेक्षा पर आज के वैश्वीकरण में सोशल मीडिया ने विश्व के लोगों को जोड़कर नए नागरिक को जन्म दिया है, जो स्वयं तो जागरूक है ही दूसरों को भी जागरूक कर रहे हैं। 

इसलिए 21वीं सदी इण्टरनेट और वेब मीडिया के युग की शताब्दी मानी जा रही है। इस सन्दर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ सैम पित्रोदा ने ठीक ही कहा है, कि सूचना के आदान-प्रदान, जनमत तैयार करने, विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों को आपस में जोड़ने, भागीदार बनाने में यह साइट्स एक सशक्त और बेजोड़ उपकरण के रूप में तेजी से उभरी है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया को सोशल साइट्स ने ही आधार प्रदान किया है जिसका अध्ययन महत्त्वपूर्ण है।

What is social network site, in hindi


social network site क्या है? 

सोशल नेटवर्किंग साइट्स इण्टरनेट का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसका उपयोग विश्व के अखों लोगों द्वारा किया जाता है। यह एक ऑनलाइन मंच है, जो सार्वजनिक प्रोफाइल बनाने एवं वेबसाइट पर अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ सहभागी करने की अनुमति देता है।

फेसबुक विश्व में सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट है, जिसका उपयोग अरबों जनसंख्या करती है। इसकी स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने वर्ष 2004 में की थी। ट्विटर भी लोकप्रिय साइट्स है, जिस पर भेजे गए सन्देश ट्वीट कहलाते हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। गूगल इंक ने भी वीडियो शेयरिंग वेबसाइट के रूप में अधिक लोकप्रियता प्राप्त की है। इस प्रकार से वेब जाल का एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है।

फेसबुक, ट्विटर जैसी साइटों पर अधिक उपयोगकर्ता हैं। आँकड़ों के अनुसार भारत में करीब 350 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं, जिनकी संख्या वर्ष 2023 में बढ़कर 447 मिलियन होने की सम्भावना है। वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपयोगकर्ता औसतन 24 घण्टे सोशल मीडिया पर बिताते हैं, जबकि जापान में लोग सबसे कम 45 मिनट ही सोशल मीडिया पर बिताते हैं।

इण्टरनेट की अगली पीढ़ी 5G (जेनरेशन) निबन्ध

क्रिप्टोकरेसी क्या है? What is cryptocurrecy in hindi 

पहली सोशल नेटवर्किंग साइट्स कौन सी थी|What is first social media site in Hindi

प्रारंभिक सामाजिक नेटवर्किंग सामान्यीकृत ऑनलाइन समुदायों के रूप में शुरू हुई, जैसे Theglobe.com (1994),जियोसिटीज़ (1995) तथा Tripod.com (1995) आदि ये सभी शुरुआत में सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल किया जाता था। 

social network site example,in hindi

हमने कुछ महत्वपूर्ण social network site  के बारे जानकारी दिया है जो इस प्रकार से है-

1.Facebook–इंटरनेट पर स्थित एक निःशुल्क सामाजिक नेटवर्किंग सेवा है जिसके माध्यम से इसके सदस्य अपने मित्रों, परिवार और परिचितों के साथ संपर्क रख सकते हैं। यह फेसबुक इंक. नामक निजी कंपनी द्वारा संचालित है।इसकी शुरुआत 2004 में हार्वर्ड के एक छात्र मार्क ज़ुकेरबर्ग ने की थी। 

2.Whatsapp–वॉट्स्ऐप एक प्रकार का त्वरित संदेश भेजने और प्राप्त करने वाला मोबाइल ऐप है जिसे अमेरिकी कंपनी, फेसबूक ने खरीदा है।

3.Youtube–यूट्यूब अमेरिका की एक वीडियो देखने वाला प्लेटफॉर्म है, जिसमें पंजीकृत सदस्य वीडियो क्लिप देखने के साथ ही अपना वीडियो अपलोड भी कर सकते हैं। 2005 में पेपैल के तीन पूर्व कर्मचारियों, चाड हर्ले, स्टीव चैन और जावेद करीम ने मिल कर बनाया है। नवम्बर 2006 में गूगल ने 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीद लिया।

4.Instagram–इंस्टाग्राम एक मोबाइल, डेस्कटॉप और इंटरनेट-आधारित फोटो-साझाकरण एप्लिकेशन है जो उपयोगकर्ताओं को फोटो या वीडियो को सार्वजनिक रूप से या निजी तौर पर साझा करने की अनुमति देता है।

5.Quora–क्वोरा एक प्रश्न-उत्तर वाली वेबसाइट है, जिसमें लोग प्रश्न पूछ सकते हैं, उत्तर दे सकते हैं और उसमें परिवर्तन भी कर सकते हैं। इसका प्रकाशन क्वोरा इंक ने किया है, जिसका मुख्यालय कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू में स्थित है।

6.Pinterest–एक छवि साझाकरण और सोशल मीडिया सेवा है जिसे छवियों का उपयोग करके इंटरनेट पर जानकारी (विशेष रूप से "विचार") की बचत और खोज को सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है 

7.linkedin–एक अमेरिकी व्यापार और रोजगार ऑनलाइन सेवा है जो वेबसाइटों और मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित होती है। 5 मई, 2003 को लॉन्च किया गया

8.Telegram–एक निशुल्क, क्रॉस-प्लेटफॉर्म, क्लाउड-आधारित त्वरित मैसेजिंग, वीडियो कॉलिंग और वीओआईपी सेवा है। इसे आरम्भ में 14 अगस्त 2013 को आइओएस के लिए और अक्टूबर 2013 में एण्डरॉइड के लिए लॉञ्च किया गया था।

9. twitter– ट्विटर एक मुक्त सामाजिक संजाल व सूक्ष्म चिट्ठाकारी सेवा है जो अपने उपयोगकर्ताओं को अपनी अद्यतन जानकारियां, जिन्हें ट्वीट्स वा चिर्विर वाक्य कहते हैं, एक दूसरे को भेजने और पढ़ने की सुविधा देता है।

10. Reddit– रेडिट एक अमेरिकी सामाजिक समाचार एकत्रीकरण वेब सामग्री रेटिंग और चर्चा वेबसाइट है। 

Read moreड्रोन क्या है? ड्रोन पर निबंध (ड्रोन के उपयोग उसके प्रकार एवं चुनौतियां)

social networking sites pros and cons in hindi

social networking sites ने विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी सिद्ध होकर लोगों के मन मस्तिष्क पर व्यापक प्रभाव छोड़ा है। इसने न केवल बच्चे बल्कि शिक्षक, व्यवसायी, न्यूज पेपर, मीडिया चैनल आदि को प्रभावित किया है, जिसका परिणाम यह हुआ है, कि समाज में इसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव दोनों पड़े हैं, जिनका उल्लेख इस प्रकार है

social networking sites pros

  • सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है, जो पूरे विश्व को जोड़कर रखने में सक्षम है।
  • संचार का अच्छा माध्यम होने के साथ ही यह काफी तेजगति से सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है।
  • इसके माध्यम से जनजागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
  • सोशल मीडिया के साथ ही कई प्रकार के रोजगार भी पैदा हुए है।
  • सोशल मीडिया उन लोगों की आबाज बन सकता है जो समाज की मुख्य धारा से अलग है तथा जिनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
  • लोगों को जोड़ने के साथ ही सोशल मीडिया शिक्षा एवं ज्ञान का भंडार भी है।
  • ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स समाचार पत्रों और टी.बी. चैनल्स की न्यूज साइट्स को भी बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है।
  • वर्तमान समय में अनेक वैश्विक महामारियों विशेष रूप से कोरोना के प्रसार को रोकने तथा इससे संबंध में विभिन्न बचाय कार्यक्रमों के संबंध में सोशल मीडिया की भूमिका महत्त्वपूर्ण हो गयी है। 
  • विभिन्न देशों के बीच अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने में भी सोशल मीडिया की प्रमुख भूमिका है जैसे भारत-चीन के बीच गलबान घाटी के मुद्दे को सोशल मीडिया द्वारा प्रचार-प्रसार करके चीन पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाया गया।

social networking sites cons

  • सोशल साइटों का ज्यादा प्रयोग मानव मस्तिष्क को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति की डिप्रेशन में जाने की सम्भावना हो सकती है।
  • सोशल मीडिया साइबर बुलिंग को बढ़ावा देता है।
  • यह फेक न्यूज तथा हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) फैलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  • सोशल मीडिया पर गोपनीयता की कमी होती है, साथ ही व्यक्ति का निजी डाटा चोरी होने का खतरा रहता है।
  • साइबर अपराध जैसे हैकिंग या फिशिंग में भी इन साइटों का योगदान पाया जाता है, जिससे खतरा बढ़ता है। 
  • वर्तमान समय में इसके माध्यम से धोखाधड़ी का चलन भी काफी बढ़ा है, जैसे सोशल मीडिया उपयोगकर्ता की तलाश कर फँसाना।
  • सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
  • यह प्राप्त जानकारी में बहुत बहुत सी जानकारियाँ भ्रामक भी होती हैं।
  • किसी भी जानकारी का स्वरूप बदलकर यह उकसावे बाली बनाई जा सकती है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता है।
  • साइबर अपराध सोशल मीडिया से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है।
  • यह व्यक्ति की स्मरण शक्ति, सोचने की शक्ति, विश्वास की प्रवृत्ति आदि को कमजोर कर देता है।
  • सोशल मीडिया के अनियन्त्रित प्रयोग से सम्बन्धों में दूरियाँ बन रही है।
  • राजनीतिक पार्टियाँ सोशल मीडिया का गलत प्रयोग करती हैं।
  • यह अफवाह को फैलाकर, सामाजिक भाईचारा को कमजोर करता है तथा धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देता है। 
  • इससे समाज में हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है साथ ही व्यक्ति की सोच को भी नियन्त्रित किया जा रहा है।
  • वर्ष 2017-18 में फेसबुक, ट्विटर समेत कई साइटों पर 2245 आपत्तिजनक सामग्रियाँ पाई गई थी, जिनमें से जून, 2018 तक 1662 सामग्रियों को हटा दिया गया था।
  •  फेसबुक सबसे ज्यादा धार्मिक भावनाएँ और राष्ट्रीय प्रतीकों को अपमान का निषेध करने वाले कानूनों का उल्लंघन करता है। 
  • वर्तमान में सामाजिक सौहार्द के सामने सोशल मीडिया एक चुनौती बनकर खड़ा है, जो अनेक भ्रांतियाँ फैलाता रहता है।
  • विश्व आर्थिक मंच ने भी अपनी जोखिम रिपोर्ट में माना है कि सोशल मीडिया के जरिए झूठी सूचना का प्रसार उभरते जोखिमों में से एक है। ऐसे में इस पर रोक लगाने का प्रयास करना भी महत्वपूर्ण हो गया है। 
  • ‌आधुनिक समय में अश्लीलता एवं अभद्रता जैसी टिप्पणियों व सामग्रियों ने सोशल मीडिया की उपयोगिता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ रहा है। 

सोशल मीडिया का युवा पर प्रभाव Impact of social network site on youth

अगर हम आज कल देखे तो सोशल नेटवर्किंग साइट्स का बादशाहत पूरे समाज के वर्गों पर सिर चढ़कर बोल रहा है। आज इसकी गिरफ्तार में हर आयु वर्ग के लोग आ चुके हैं और यह लोगों को हंसाने के साथ साथ रुलाने भी लगी है। इन सभी आज के युवा पीढ़ी इसका प्रयोग बहुत अधिक समय तक कर रहे हैं तथा नाबालिक भी इसकी गिरफ्त आ चुके हैं जो समाज के लिए शुभ संकेत नही है। आज कि नई युवा पीढ़ी का देश विकास में सहयोग

युवाओं में बढ़ती अतिसक्रियता और उसके दुष्परिणाम

वर्तमान समय में सोशल नेटवर्किंग साइट्स के प्रयोग ने युवाओं को समय से पहले आक्रांत कर दिया है। आज के युवा सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत पहचान बनाना चाहते हैं। बिना इतंजार किए प्रतिष्ठित होना चाहते हैं और जब चाह पूरी नहीं होती तो वह आक्रामक व आपराधिक कार्यो को करने से नहीं डरते। 

Conclusion

इस प्रकार सोशल मीडिया अर्थात् What is social network site,in hindi|सोशल नेटवर्किंग साइट्स क्या है? साइटों की अनेक उपयोगिता है, जिसने अपनी उपयोगिता को साबित भी किया है। वहीं इसके नुकसान व दुरुपयोग इसकी विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा करते रहते हैं। सोशल मीडिया ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के अधिकार को नया आयाम दिया है, जिसका प्रयोग कर व्यक्ति बिना डरे, अपनी बात को रख पाता है। इसके बावजूद इसके दुरुपयोग ने इसे विनियमन की आवश्यकता पर भी बल दिया है। 

अतः आवश्यक है कि निजता के अधिकार का उल्लंघन किए बिना सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी को मिलकर नए विकल्पों की खोज करनी चाहिए, ताकि भविष्य में भी इसके सम्भावित नुकसान व दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

अगर आपको किसी प्रकार से इस लेख में कोई गलती हो तो हमें अवश्य बताए या ये आपके लिए उपयोगी साबित हुआ अगर आपको किसी और विषय पर जानकारी चाहिए तो आप हमे अपनी राय comments के द्वारा अवश्य दे। इस पोस्ट आगे जरूर share करे इस तरह की जानकारी के लिए आप हमारे facebook page को follow जरूर करे। 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ